Skip Navigation Links
ram
सम्पूर्ण सुन्दरकाण्ड की पीडीएफ फाइल यहाँ से डाउनलोड करें-- सुन्दरकाण्ड सम्पूर्ण
सम्पूर्ण सुन्दरकाण्ड की एमएस वर्ड फाइल यहाँ से डाउनलोड करें-- सुन्दरकाण्ड सम्पूर्ण
अन्य पीडीएफ फाइलें निम्न हैं...
Skip Navigation Links

रामचरितमानस

सुन्दरकाण्ड

हनुमानजी ने लंका की ओर प्रस्थान किया। सुरसा ने हनुमानजी की परीक्षा ली और उसे योग्य तथा सामर्थ्यवान पाकर आशीर्वाद दिया। मार्ग में हनुमानजी ने छाया पकड़ने वाली राक्षसी का वध किया और लंकिनी पर प्रहार करके लंका में प्रवेश किया। उनकी विभीषण से भेंट हुई। जब हनुमानजी अशोकवाटिका में पहुँचे तो रावण सीता को धमका रहा था। रावण के जाने पर त्रिजटा ने सीता को सान्तवना दी। एकान्त होने पर हनुमानजी ने सीता से भेंट करके उन्हें राम की मुद्रिका दी।

 हनुमानजी ने अशोकवाटिका का विध्वंस करके रावण के पुत्र अक्षय कुमार का वध कर दिया। मेघनाथ हनुमानजी को नागपाश में बांध कर रावण की सभा में ले गया। रावण के प्रश्न के उत्तर में हनुमानजी ने अपना परिचय राम के दूत के रूप में दिया। रावण ने हनुमानजी की पूँछ में तेल में डूबा हुआ कपड़ा बांध कर आग लगा दी, इस पर हनुमानजी ने लंका का दहन कर दिया। हनुमानजी सीता के पास पहुँचे। सीता ने अपनी चूड़ामणि दे कर उन्हें विदा किया।

वे वापस समुद्र पार आकर सभी वानरों से मिले और सभी वापस सुग्रीव के पास चले गये। हनुमानजी के कार्य से राम अत्यंत प्रसन्न हुये। राम वानरों की सेना के साथ समुद्रतट पर पहुँचे। उधर विभीषण ने रावण को समझाया कि राम से बैर न लें इस पर रावण ने विभीषण को अपमानित कर लंका से निकाल दिया। विभीषण राम के शरण में आ गया और राम ने उसे लंका का राजा घोषित कर दिया। राम ने समुद्र से रास्ता देने की विनती की। विनती न मानने पर राम ने क्रोध किया और उनके क्रोध से भयभीत होकर समुद्र ने स्वयं आकर राम की विनती करने के पश्चात् नल और नील के द्वारा पुल बनाने का उपाय बताया। नीचे सुंदरकाण्ड से जुड़े घटनाक्रमों की विषय सूची दी गई है। आप जिस भी घटना के बारे में पढ़ना चाहते हैं उस पर क्लिक करें...
*** मंगलाचरण
*** हनुमान्‌जी का लंका को प्रस्थान, सुरसा से भेंट, छाया पकड़ने वाली राक्षसी का वध
*** लंका वर्णन, लंकिनी वध, लंका में प्रवेश

*** हनुमान्‌-विभीषण संवाद
*** हनुमान्‌जी का अशोक वाटिका में सीताजी को देखकर दुःखी होना और रावण का सीताजी को भय दिखलाना
*** श्री सीता-त्रिजटा संवाद
*** श्री सीता-हनुमान्‌ संवाद

*** हनुमान्‌जी द्वारा अशोक वाटिका विध्वंस, अक्षय कुमार वध और मेघनाद का हनुमान्‌जी को नागपाश में बाँधकर सभा में ले जाना
*** हनुमान्‌-रावण संवाद

*** लंकादहन
*** लंका जलाने के बाद हनुमान्‌जी का सीताजी से विदा माँगना और चूड़ामणि पाना

*** समुद्र के इस पार आना, सबका लौटना, मधुवन प्रवेश, सुग्रीव मिलन, श्री राम-हनुमान्‌ संवाद
*** श्री रामजी का वानरों की सेना के साथ चलकर समुद्र तट पर पहुँचना
*** मंदोदरी-रावण संवाद
*** रावण को विभीषण का समझाना और विभीषण का अपमान
*** विभीषण का भगवान्‌ श्री रामजी की शरण के लिए प्रस्थान और शरण प्राप्ति

*** समुद्र पार करने के लिए विचार, रावणदूत शुक का आना और लक्ष्मणजी के पत्र को लेकर लौटना
*** दूत का रावण को समझाना और लक्ष्मणजी का पत्र देना
*** समुद्र पर श्री रामजी का क्रोध और समुद्र की विनती, श्री राम गुणगान की महिमा पंचम सोपान-मंगलाचरण

पहला पेज...

Skip Navigation Links